वक्त की किमत करना सिखों,नहीं तो वक्त की किंमत वक्त खुद हीं करना सीखां देगा।जिंदगी में वक्त ही सबकुछ है।इस आर्टीकल को पढकर आप अपनी जिंदगी के प्रती गंभीर और सकारात्मक बनेंगें।
दोस्तों आज हम एक ऐसें विषय पर बात करनें जा रहे है जो इतना महत्वपुर्ण है की मै इसें शब्दों में नहीं बता सकता।दुनिया की सबसे Important चीज कोई है तो वह है वक्त।जी हाँ सबसे,सबसे किमतीं चीजं।इससे जादा किमती चीज और कोई नहीं हो सकती।जो इन्सान अपनी जिंदगी में वक्त की किमत करना सिखता है वही आदमी अपने जीवन में सफल है नहीं तो कुछ भी नहीं।हम सबके पास वक्त होता है,किसी के पास कम या किसी के पास जादा होता है।हर किसी के पास वक्त होता जरूर है।जिसके पास वक्त नहीं ऐसा गरिब आदमी नहीं होगा।हर किसी के पास अपनी परिस्थिती बदलनें के लिए वक्त होता है।पर इसकी किमत हर किसी को समझं नहीं आती।
समय का महत्त्व:
अगर आपको एक साल का महत्त्व जानना है तो उस छात्र को पुच्छों जो पढाई मे फेल होकर एक साल सें घर बैठा हो।
अगर आपको एक महीने का महत्त्व जानना है तो उस माता को पुच्छों जिसने आठ महीनें अपने बच्चे को पेट में पाला है और फिर भी आखरी महीनें में अपने बच्चे को मरा हुआ पायी है।
एक मिनट का महत्त्व उस इन्सान सें पुच्छों जो कही महत्वपुर्ण काम के लिए जा रहा हों और एक मिनट की वजह सें अपनी बस,ट्रेन छोड दियी है।
और एक सेकंद का महत्त्व उस खिलाडी को पुच्छों जो मेरेथान में एक सेकंद की वजह सें अपनी शर्त हारी हो।
जरा सोचो!इन लोगों को ये जो भी अपने जीवन में एक एक सेकंद या मिनट के लिए हार गये हो उनको वही सेकंद या मिनट जिंदगीभर कितना सताता होगा?ठिक ऐसेही हमारे जिंदगी में भी ऐसे बहुत बार होता है।और थोडे देर के लिए हम वक्त की किमत भी करते है पर बाद में हम उसें भुला भी देते है।
हम ऐसा क्यों करते है?
क्यों की हम अपने वक्त को लेकर बिलकुल भी गंभीर Serious नहीं है।हम क्यो सिरीयस नहीं है क्यों की जिंदगी की असली कठीनाईयाँ हमने असल में कभी देखी ही नहीं होती।हमनें जो कुछ भी वक्त को लेकर अनुभव किया है वह बहुतही साधारण है।वह कटू अनुभव नहीं थे इसलिए हमें वक्त की किमत पत्ता ही नहीं चली।इसलिए हमनें कभी उसपर गौर से सोचा भी नहीं।
दुनिया में सबकुछ सिर्फ वक्त है।
हाँ..सबकुछ वक्त है।हमारा पुरा ब्रम्हांड ही वक्त है।हम रोज सुबह देखतें है की,सुरज रोज अपने वक्त पर निकलता है।चाँद भी अपने वक्त पर निकलता है।चाहे वह बारीश हो,धुप हो,थंडी हो कुछ भी सिर्फ वक्त है।चाहे इन्सान का माँ के पेट में रहना हो,वह भी एक ठरावीक समय के लिए।जमीं सें पौधें का निकलना हो या फिर एक फल जो पैदा होता है,बडा होता है और पक भी जाता है इसका भी एक टाईम,वक्त है।ये नैसर्गिक और प्राकृतिक है।अगर ये फुल,पौधें वक्त के पहले निकल आतें है तो वह अनैसर्गिक है।
तो वक्त के उपर हमारा कुदरत भी चलता है तो हम इन्सान क्यों नहीं।आखीरकार हम भी कुदरत की ही देंन है,कुदरत की ही भेट है।तो फिर वक्त को लेकर हम इतने उदासीन क्यों रहतें है।हम बार बार वक्त सें कुछ ना कुछ सिखते है फिर भी हम इतने उदासीन क्यों।
वक्त को लेकर उदासीनता और उसका स्वरूप:
१.रिश्तों में वक्त का अनन्यसाधारण महत्त्व:
२.अपने भविष्य Career में वक्त का महत्त्व:
३.जिंदगी जीनें में वक्त की अहम भुमिका:
यह वह तीन महत्वपुर्ण घटक है जीसमें वक्त हमें बार बार अपना महत्त्व अधोरेखित करता रहता है।हम वक्त की किमत रोज जानतें है।अपनें रिश्तो में,पढाई में,अफनी जिंदगी में फिर भी वक्त की किमत को हम समझ नहीं पातें।
२.इन्सानी रिश्तो में समय का अनन्यसाधारण महत्त्व:
हम अपनी जिंदगी सें बहोतही प्यार करते है।हमें खुदसें प्यार करना भी चाहीए।पर हम अपनें निजी रिश्तों में,रिश्ते निभाते वक्त जाने-अनजानें में बहोत सारी गलतीयाँँ करते है।कुछ गलतीयाँ अपने विचारों की वजह सें,कुछ गलतीयाँ अपना इगो,अहंकार, गर्वं की वजह सें और कुछ गलतीया मान-सम्मान ना मिलने की वजह सें ऐसी गलतीया करते है।और हम रिश्तोसें और भी जादा दुर चले जातें है।और एक दीन इतनें दुर चले जाते है की,हम चाहकर भी किसी सें नहीं मिल पातें।फिर क्या होता है?की एक वक्त ऐसा आता है की वक्त की कमी सें हम उस रिश्तोसें कोसो दुर जाते है या फिर उसें गवाँ देते है।और उसको गवानें के बाद हमें रिश्तोंं की भी और वक्त की भी किमत पता चलती है।और उसके बाद भी कुछ भी नहीं कर सकते।दुनियाँ में हर चीज के लिए ए Specific वक्त होता है।
अगर हम यह कुदरत का तत्व समझ लेते है तो वक्त के साथ साथ हम रिश्तो की भी किमत करना सीखते है।सिर्फ वक्त हमें वक्त की किमत सिखाता है।यही सच्चाई है।
२.अपनें भविष्य बनानें में वक्त का महत्त्व:
देखों..हम सब अपना अच्छा भविष्य बनानें के लिए पढाई करते है,कोई छोटा मोटा धंदा करता है।कोई बडा बिझनेस करता है।अपने अपने हिसाब सें हम अपना भविष्य बनानें के लिए हमेशा प्रयासरत रहते है।पर क्या हमे अपने भविष्य बनानेवाले प्रयास में सबको सफलता मिलती है।नहीं हर किसी को सफलता नहीं मिलती है।और उसका मुख्य कारण सिर्फ वक्त है।हमे जिंदगी जीतें वक्त दुनियादारी भी बहोतही देर सें आती है।हमें अपना करिअर बनानें की समझ हो,या कौनसा करिअर हमारे भविष्य के लिए फायदेमंद है इसके लिए सही मैच्युरिटी सही समय पर नहीं आती।
और परिणामी हम अपना भविष्य बनानें में पिछड जाते है।और इसकी वजह सिर्फ वक्त है वक्त।अगर हम अपने उम्र के सतरा साल तक बारवी कक्षा पास नही करतें है तो हमारा आगे का करिअर की भी कोई गैरंटी नहीं दे सकते है।अगर हम आपने उम्र के बीस साल तक ग्रेज्युऐशन पास नहीं करते है और उसके बजाय हम उम्र के पच्चीस में उसें पास करते है तो हम आगे की पढाई या नोकरी के लिए भी पात्र नहीं हो सकते है।अगर किसी तरह सें हम अपनी पात्रता को सिद्ध भी करतें है तो भी हम आगे चलकर कोई ना कोई हमारे जिंदगी की महत्वपुर्ण बात छोड देतें है।अगर हम अपने वैवाहिक जीवन की बात करेंगे तो सही समय पर शादी करना ही आगे चलकर हमें जिंदगी सफलता पुर्वक जी लियी है इसकी अनुभूती देता है।
अगर हम अपनी पढाई उम्र के पच्चीस साल या तीस साल तक करते है और नोकरी हमें उम्र के पैतीस साल में लगती है और उसके बाद हम नोकरी कर भी लेते तो नोकरी का या अच्छा नाम कमानें का वक्त हमें उतना नहीं मिलता है जितना होना चाहीए।और शादी भी वक्त पर नहीं कर लेते है तो बच्चे भी वक्त पर हाथ नहीं आते है।बच्चे हाथ आनेतक,बडे होनें तक हम इस दुनिया में रहेंगे या नहीं इसकी गैरंटी नहीं होती है।तो समय बचाने की आदत हमें पहलें सें ही,मतलब बचपन में ही लगा लेनी चाहीए।यहीं जिंदगी की प्राथमिकता होनी चाहीए।क्यों की समय ही सबकुछ है।समय है तो भविष्य है।
३.जिंदगी जीनें के लिए वक्त की अहम भुमिका:
दोस्तों वक्त की किमत सिर्फ अपना भविष्य बनानें में और सिर्फ इन्सानी रिश्तों में ही नहीं या अपने करिअर में ही नहीं बल्कि अगर हमें अपनें जिदंगी का सही आनंद लेना है तो भी हमें वक्त के साथ ही चलना होगा।अगर हम थोडे भी पिच्छे रह गये तो वक्त आके निकल जाता है हम पिच्छे रह जाते है।हम अपने जिंदगी के सारे काम अगर सही वक्त पर करतज है तो हमे जिंदगी भी जिंदगी का आनंद लेने के लिए वक्त देती है।
हम किस बात पर वक्त बरबाद कर रहे है?
हम आज वर्तमान में जादा वक्त किस बात पर बरबाद कर रहे है।क्या कभी आपने इस बारे में सोचा है?इसका जवाब हाँ भी होगा और नहीं भी होगा।हम जानते है की हमारा वक्त जादा किस चीज पर या काम पर बरबाद हो रहा है।
अ.सोशल मीडिया
ब.बेवजह टाइमपास
क.लव-शव,मतलब की दोस्ती आदी।
इन सब बातों पर हमारा जादा वक्त बरबाद हो रहा है।ये सब बातें हमारी अपनी जिंदगी छिननेवाली चीजें है।इससे हमें कोई भी आउटपुट नहीं मिलता है।यह चीजें हमसें आउटपुट निकलवाती है।इतना आउटपुट निकलवाती है की हमारी जिंदगी लेती है।यही आज के जमानें की वास्तविकता है।इसे हम रिजेक्ट नहीं कर सकतें।हमें इसें स्विकार करना ही होगा।अगर हम अपनी जिंदगी में कुछ परिवर्तन लाना चाहते है तो हमें यह स्विकार करना ही होगा।
आज सोशल मीडिया सबसे बडा Addiction हो गया है।और इसमें जादा तर हमारे Youth अपनी जिंदगी बरबाद कर रहे है।सोचो जीस उम्र में हमें अपना करिअर अपना भविष्य बनाना होता है ऐसें नाजूक मोड पर हम अपनी जिंदगी बरबाद कर रहे है।यह एक बहुतही भीषण स्वरूप की जागतिक समस्या है।अगर हम अपने भारत देश का ही सोंचते है तो करोडो युवा इस सोशल मीडिया के व्यसनाधीन बन चुके है।क्यों की हमारा भारत देश दुनिया में इंटरनेट का इस्तेमाल करने दुसरे नंबर पर है।
तो किसी देश का युवा अपना किमती वक्त अगर इन सब चीजों पर लगाता है तो सोचो देश का भविष्य और अपना भविष्य क्या आगे चलकर खास हो सकता है? नहीं
हमें इसे रोकना होगा अपना किमती वक्त बचाकर अच्छें कामों में लगाकें अपने साथ साथ देश का भी भविष्य बदलना होगा।नहीं तो वक्त की किमत वक्त ही सिखा देगां।
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