क्या भगवान सच में होते है या फिर हमारें मन का ही एक भ्रम है?क्या भगवान नें इन्सान को बनाया है या फिर इन्सान नें भगवान को बनाया है?जानिए इस आर्टीकल सें।
नमस्कार आज हम एक ऐसें विषय पर बात करनें जा रहें है जो दुनिया भर कें लोगों कें लिए बहोतही महत्वपुर्ण और उनके लिए सबकुछ है और वह विषय है "भगवान" ! हाँ भगवान! यह ऐसा विषय है जिसें लेकर दुनिया का हर एक व्यक्ती Curious उत्सुक है,आशावादी है।जो लोग भगवान कें उपर विश्वास करतें है वो भी इसें लेकर उत्सुक है और जो लोग उसपर विश्वास नहीं करतें है वो भी इसें लेकर उत्सुक है।भगवान यह नाम ही इतना पावरफुुल है की इससें दुनिया का हर इन्सान बगैर सोचें समझें इससें प्रेरित होता है।प्रेेरित होना बहोतही अच्छी बात है पर हमें भगवान वाली बात में थोडी गहराई में जाकर सोचना चाहीए।क्योंं की कही हमसें भी औरों की तरह अंधानुकरण ना हो जाए और जाने अंजानें में हम अंधविश्वास की ओर न चले जाए इसलिए यह लिखनें का हमारा जो मुुुल मकसद है इस भगवान वाली बात पर आंख बंद करेे भरोसा करनेेेवालों की संख्या कम नहीं है। ऐसें लोगों को चाहे अपने मनमुताबिक परिणाम मिलें या ना मिलें पर उनका भगवान के उपर का विश्वास बिलकुल भी कम नहीं होता यह बहोतही बडी काली सच्चाई है।चाहे हम इसका स्विकार करे या ना करेें। एक महत्...