*दिवाली की सबसे बेहतरीन वायरल पोस्ट*
दोस्तों, आप सभी को दिवाली की बहोत सारी बधाईयाँ।
दोस्तों, हम भारत में जन्म लेकर बहोतही नशीब लेके पैदा हुए है।सच में हमारा देश इतना खुशहाल भरा और विविधता में एकता को माननेवाला देश है की पश्चिमी मुलखो के लोग हमारी एकता देखकर दंग रह जाते है।वे सोचते रहते है की,भारत में इतने सारे मजहब,अलग-अलग जातीयाँँ,सेकडो पंथ होने के बावजुद भी भारतीय लोगो में इतनी एकता कैसे हो सकती है।ये दुनिया को सतानेवाला सवाल है दोस्तों।
हम भारतीय अलग-अलग त्यौहार मनाते है।हमारे प्राचीन हिंदुधर्म में,हमारें पुरखो ने,हमारे भगवान ने बहोत सारे कार्य मानवता के उत्थान के लिए करके गये है।जिसे हम आज भी एक त्यौहार के रुप में मनाते है।लेकीन बदलते वक्त के साथ इन त्यौहारो को मनाने के तरिके भी धीरे धीरे बदलते गये है।
जैसा दिवाली का त्यौहार हम सभी भारतीयों के लिए एक बहुतही खुशी का और बहुतही शुभ माननेवाला त्यौहार है।
हाँ!! हम सब भारतीय इसके हक्कदार है।और हमारें लिए गर्व सें सिना चौडा कर देनेवाली बात है।
तो आईए दोस्तों, ये शुभ त्यौहार हम इस साल एक अलग तरीके सें मनाकर हमारी भारतीय संस्कृती और सभ्यता का दर्शन दुनिया को करा दे।
इस साल हम इस महान त्यौहार को थोडा अलग और हटके तरिकेसे मनाकर हम अपने साथ-साथ उनके भी जीवन में रोशनी लाए जिनके जीवन में हमेशा से अंधकार रहता है।ताकी उनके शुभाशीर्वाद से हमारी जिंदगी भी उजाला लेकर ये त्यौहार मनाए।आईए हम प्रतिड्गा करते है कुछ छोटे-छोटे बदलाव लाने के।जो करने में छोटे है लेकीन बहुतही प्रभावशाली है।
१.इस साल हम कुछ अन्नाज,मिठाईयाँ उनको दे जिनकी जिंदगी में परिस्थिती की वजह सें,शिक्षा की वजह से हमेशा कडवापण है।
दोस्तों, हम हर साल हजारो लाखो रुपये खर्च करके
अलग अलग त्यौहार मनाते है।हम हमारी कमाई का इतना पैसा खर्च कर देते है।इसका हमें अंदाजा भी नहीं होता है।हम सब स्वयकेंद्रित हो गये है।हम सब पहले खुदके बारे मे सोचते है।
जी हाँ!! सोचना भी चाहीए।हम भी आपसे सेहमत है।पर हम अपनी खुशी के साथ साथ थोडी खुशी उनको नहीं दे सकते जिनकी जिंदगी नरकहाल रहती है।हाँ..बिलकुल दे सकते है।
जिंदगीभर हम खुदके लिए जीतें है।क्या हम किसी त्यौहार का सिर्फ एक दिन गरिबों को,मजलुमों को नहीं दे सकते?
दोस्तों इस साल हमें सिर्फ इतना करना है।हम अपने लिये अपने परिवार के लिए जो भी कुछ चिजे खरिदते है।उसमें सें कुछ चिजें या कोई एक ऐसी चिज हम किसी गरिब के परिवार के लिए खरिदें।
जैसा की;
अ.नये कपडे हो सकते है।
ब.मिठाईयाँ हो सकती है
क.घर में जलाने के लिए दिएँ हो सकते है।
ड.कुछ जरूरी सामान हो सकता है।आदी।
२.दोस्तों, हम जो भी जरूरी चिजें खरीदना चाहते है।वे चिजें ऐसे दुकान सें खरिदें जो सामान्य या गरिब व्यापार का हो।
दोस्तों, अगर हम त्यौहार को लगनेवाले कुछ चिजें सामान्य या गरिब व्यापारीयों से खरीदते है तो सोचो उनको भी कितना समाधान और कितनी प्रेरणा मिल सकती है।दोस्तों ये जो गरीब वर्ग के व्यापारी होते है ना असल में वे व्यापार या धंदा इसलिए चालू नहीं करते की उनको अमीर बनना होता है।वे सिर्फ अपना छोटा-मोटा व्यापार इसलिए चालू करते है ताकी उनका घर चल सकें।और दो वक्त का खाना अपने बिवी बच्चों को खिला सके।
इसलिए दोस्तों, हम साल का सिर्फ एक दिन अपनी खुशीयों के साथ साथ उनसे कुछ खरीदके उनकी खुशीयाँँ भी दुगनी कर दे।यह हम हर भारतीयों का कर्तव्य है।
३.दोस्तों, अगर हो सकेंं तो और हमारी आर्थिक स्थिती अच्छी हो तो इस दिवाली के शुभ अवसर पर किसी गरिब या अनाथ बच्चे को गोद ले। या किसी गरिब के लडकी की शादी में हातभार लगाए या कुछ मदत करें।या किसी अनाथ बच्चे की शिक्षा का खर्चां उठाए।
दोस्तों, हम भारतीय होने के नाते और हमारी अच्छी आर्थिक स्थिती है तो हमारा यह कर्तव्य बनता है की इस नैक काम के भागीदार हम खुद बने।
अगर हम इस दिवाली के शुभ अवसर पर हमारा नैतिक कर्तव्य समझकर किसी गरीब या किसी अनाथ बच्चों को गोद लेते है या उसके शिक्षा का खर्चा उठाते है।या किसी गरिब, अनाथ लडकी की शादी कर देते है तो।सोचो ये कितना पुण्य कमानेवाली बात है।आप सोच भी नहीं सकते।इतना शुभ और नैक काम और कोई नहीं हो सकता मेरे दोस्तों।
आप सोच भी नहीं सकते की पैसों की कमी की वजह सें हमारे देश में कई सारी लडकीयाँ है जिनकी शादी तक नहीं होती है।ऐसें परिवार में पैसों की कमी की वजह से लढाई-झगडे होते रहते है।और बाद में ऐसी लडकीयाँ गलत रास्ता चुनते है।और लडके भी शिक्षा ना मिलने की वजह से बडे होकर गलत रास्ता अपनाते है।और क्राइम की ओर बढते है।
क्या हम एक भारतीय होकर इनके बारे मेंं एक प्रतिशत भी सोच नहीं सकते?
दोस्तों अगर हम अकेले नहीं बल्कि हर भारतीय आदमी ना सोचा की अपनी कमाई का मामुलीसा हिस्सा अगर इन लोगों पर लगाए तो बहुत बडा परिवर्तन हो सकता है दोस्तों।
इसके लिए हमें कुछ अलग प्रयास करने की भी जरुरत नहीं है दोस्तों। हम बहुतही आसान तरीकेसे ये पुण्य का काम कर सकते है। पहले सिर्फ अपने अंदर परिवर्तन या बदलाव लाना है।
४.दोस्तों हो सके तो इस दिवाली को सरकारी अस्पतालों में बहुत सारे गरिब घर के मरीज होते है।जो पैसों की तंगी की वजह से महीनों से पडे रहते है।उनको हो सकें तो थोडा चाहे एक प्रतिशत आर्थिक रुप सें मदत करे।
दोस्तों, इस दिवाली को हम सरकारी अस्पतालो में जाकर किसी गरिब सें आर्थिक रुप से मदत किजीए।क्यों की आपकी छोटीसी मदत से किसी गरिब की जान और उसका परिवार दोनों बचा सकती है।ये सबसे बडा पुण्य है।जो हमारी भारतीय संस्कृती हमें और दुनिया को सिखाती है।
तो दोस्तों अगर ये चार तरिके अपनाकर हम इस साल की दिवाली मनाते है।तो सोचो हमारे साथ साथ कोई और भी है जिन्हे असली खुशी क्या होती है ये भी नहीं मालुम।उनको थोडीसी खुशी देने का प्रयास करें।तो वो है हमारी जिंदगी का असली उजाला।वो है हमारी जिंदगी की असली रोषणाई।
तो दोस्तों हमें कमेंट करके बताए।की आपको हमारी पोस्ट कैसे लगी।ताकी हम हमेशा प्रेरित रहै।
फिर से आपको दिवाली की हार्दिक बधाईयाँ और बहोत सारी मंगलकामना करते है।
Comments
Post a Comment